Mon. Oct 26th, 2020
नफ़रत के सहारे नफ़रत मिटाने चला है इंसान

नफ़रत के सहारे नफ़रत मिटाने चला है इंसान,
एक बेगुनाह को न्याय तो दूसरे को सजा सुनाने चला है इंसान,
यूं तो पत्रकारों की आजादी पर चीखता है इंसान ,

Advertisement
Advertisement


बस औरत हो या मर्द उन्हें प्रताड़ित करने की आजादी खुद की समझता है इंसान….
यूं तो किसी लड़की के दुष्कर्म पर न्याय की मोमबत्तियां भी जलाता है इंसान ,
बस उने बाजारू ,वैश्या कहने का अधिकार भी चाहता है इंसान……


यूं तो अपनी मां बहन के खिलाफ कुछ नहीं सुन सकता इंसान ,
बस मां बहन की गालियां संस्कार समझता है इंसान…..
यूं तो औरतों की पूजा करता है इंसान,


बस उनके अधिकारों के लिए लड़ने वाली औरतों को रंडी कह देता है इंसान…..
यु तो सभी को बराबर समझता है इंसान ,
बस किसी को छक्का, मीठा बुलाना मजाक समझता है इंसान….


यूं तो दूसरों के मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखता है इंसान,
बस अपनों को ही मरने के लिए छोड़ देता है इंसान…..
यूं तो हर रूप ,रंग , आकार की इज्जत करता है इंसान ,


बस किसी को मोटा ,काला, पतला कहना सच समझता है इंसान…..
यु तो गलत के खिलाफ आवाज उठाना जानता हैं इंसान,
बस हर रोज अनदेखा करना अपनी सुरक्षा समझता हैं इंसान,…..

खुद भी बराबर का गुनहगार है इंसान,
बस दूसरों को सजा सुनाना चाहता है इंसान….
वाह रे इंसान

“Social के नाम पर सिर्फ Social Media तक ही रह गए हैं हम”
बस हर जगह नफरत ही फैला रहें हैं हम….

Written By Namita Verma

नफ़रत के सहारे नफ़रत मिटाने चला है इंसान
नफ़रत के सहारे नफ़रत मिटाने चला है इंसान

follow her on instagraam

https://www.instagram.com/namita_verma_/

Leave a Reply

Live Updates COVID-19 CASES